Wednesday, 25 January 2012

ऊँ श्री सांईनाथाय नमः

ऊँ श्री सांईनाथाय नमः
मैं, मनीष मुदगिल, लगभग 2-3 महीने से आदर्श भैयाजी से जुड़ा हूँ। आदर्श भैयाजी ने बताया कि
आप अपने ईष्ट पर विश्वास रखें चाहे वे सांई बाबा हों या कोई अन्य हो, आप उन्की शरण में जायें
और समर्पण करें, आप स्वयं प्रभाव देखेंगे।
अगस्त माह में दरबार में काली पूजा का आयोजन होना निश्चित हुआ था। निश्चित दिन से एक
सप्ताह पूर्व ही मुझे काली माँ दिखना शुरू हो गई। मैं जब भी ध्यान लगाता दरबार में या घर में,
मुझे काली माँ प्रसन्न मुद्रा में नाचती हुई नजर आती (बिना जीभ निकाले हुए और बिना अस्त्र
शस्त्र धारण किये हुए) और मुझे अपनी ओर बुलाती।
15.09.2011 को दरबार में बाबा हाजी अली और अजमेर के ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती का
कव्वालियों के साथ गुणगान चल रहा था। मैं भी ध्यान में था। ध्यान में ही मुझे पहले एक बड़ा
सा दरवाजा (पुरानी दिल्ली के दिल्ली गेट जैसा) दिखा, जिसमेंआस पास काफी दुकानें थी, कुछ खाने
पीने की एवं कुछ फूलों की। थोड़ा आगे चलने पर ऊपर की तरफ गुलाबी पत्थर की जालियाँ नजर
आईं। अन्दर जाने पर बाबा की मज़ार के तीनों तरफ लगभग पाँच फुट ऊँची सफेद संगमरमर की
जालियाँ नजर आईं दक्षिण की तरफ से मज़ार में खुसने का स्थान था।
मुझे नहीं पता कि ये सब जो मुझे नजर आया वहाँ पर बाबा के / ख्वाजा साहिब के दरबार में है या
नही क्योंकि मुझे अभी बाबा ने अपने यहाँ आने की इजाज़त नही दी है।
मनीश मुदगिल
फरीदाबाद

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